तीसरी आंख

जिसे वह सब दिखाई देता है, जो सामान्य आंखों से नहीं दिखाई देता है

शनिवार, अप्रैल 11, 2026

ज्योतिषी के लिए आस्तिक होना जरूरी नहीं?

क्या आपको इस बात पर यकीन होगा कि कोई नास्तिक भी ज्योतिश का प्रकांड पंडित हो सकता है। जाहिर है, आप यही कहेंगे कि ऐसा कैसे संभव हो सकता है। जो आस्तिक नहीं, उसे ज्योतिष का ज्ञान आ ही कैसे सकता है। मगर सच ये है कि ऐसा संभव होते देखा है मैने। मेरे एक अभिन्न मित्र नास्तिक हैं, बचपन से। कभी कोई पूजा-पाठ नहीं करते। न दीया जलाते हैं और न ही अगरबत्ती। एक बार उनकी पत्नी ने मुझ से कहा कि घर में शांति नहीं है, कोई न कोई दोष है, मगर मेरे पति नास्तिक हैं और कोई ज्योतिषीय उपाय या टोना-टोटका करने को तैयार नहीं हैं। आप उन्हें मनाइये। मैने उन्हें जैसे तैसे तैयार किया और एक ज्योतिषी के पास ले गया। रास्ते में उन्होंने कहा कि वे भले ही हमारे कहने पर कोई रत्न धारण लेंगे, मगर उसे पत्थर जान कर। समझा जा सकता है कि वे कितने घोर नास्तिक थे। दिलचस्प बात यह है कि ज्योतिषी के बताए उपाय करने से उनके घर में शांति हो गई, फिर भी वे आस्तिक नहीं हो पाए। आप यह जान कर चकित होंगे कि बाद में नास्तिक होते हुए भी उन्होंने शास्त्रों का अध्ययन किया और आज हस्तरेखा व कुंडली के प्रकांड विद्वान हैं। सटीक भविष्यवाणी किया करते हैं। दिलचस्प बात ये है कि खुद टोने-टोटके में यकीन नहीं करते, मगर जिज्ञासु को उसका उपाय बताते हैं। जाहिर है कि भले ही वे ग्रहों और देवी-देवताओं के प्रति आस्था न रखते हों, मगर पूर्व में स्थपित सिद्धांतों का सहारा लेते हैं कि कदाचित वे सही हों। मैं तब अचंभित रह गया, जब उन्होंने एक सुपरिचित ज्योतिषी को उनकी हथेली देख कर बता दिया था अमुक दिन आपका एक बडा ऑपरेशन होगा, जबकि स्वयं ज्योतिषी को इसकी जानकारी नहीं थी। ऐसा प्रतीत होता है कि ज्योतिष विशुद्ध रूप से एक विज्ञान है, जैसे एमबीबीएस। एमबीबीएस करने के लिए धार्मिक होने की कोई जरूरत नहीं, ठीक इसी प्रकार ज्योतिर्विद्या सीखने के लिए आस्तिक होना जरूरी नहीं। अधार्मिक व नास्तिक चिकित्सक भी बेहतरीन उपचार कर सकता है। लेकिन साथ ही यह भी दिलचस्प है कि चिकित्सक भी कोई ऑपरेशन करने से पहले यह कहते सुने गए हैं कि मैं उपचार कर रहा हूं, मगर ठीक भगवान की कृपा से होगा।

इस मसले का दूसरा पक्ष यह है कि आस्तिक ज्योतिषी भविष्यवाणी करते वक्त ज्योतिष विज्ञान के साथ अंतर्दृश्टि का उपयोग भी किया करते हैं। इंट्यूशन से भी संकेत हासिल करते हैं। कई ज्योतिषी भविष्यवाणी करते से पहले अपने इष्ट व गुरू का स्मरण करते हैं, ताकि भविष्यवाणी में उनका भी सहयोग मिले और भविष्यवाणी में कोई त्रुटि न हो। कुछ लोगों का मानना है कि अंतर्दृश्टि के लिए धार्मिक होना जरूरी नहीं है। अधार्मिक व नास्तिकों में भी अंतर्दृश्टि होने के अनेक उदाहरण मौजूद हैं। मैं निजता की रक्षा करते हुए नास्तिक ज्योतिषी का नाम उजागर नहीं करूंगा। मेरा मकसद सिर्फ ज्योतिष को विशुद्ध विज्ञान होने को आपसे साझा करना है।


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