तीसरी आंख

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गुरुवार, अप्रैल 23, 2026

पेन को पकडने का सही तरीका क्या है?

 मनोवैज्ञानिकों में यह सवाल चर्चा का मुद्दा रहा है कि पेन पकडने का सही तरीका क्या है? ज्योतिष व सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार लिखते समय पेन को चारों अंगुलियां व अंगूठा स्पर्श करना चाहिए। इससे आपकी लेखनी में सभी ग्रहों का सहयोग होता है और उसमें पूर्णता आती है। यह एक आदर्श स्थिति है। वैसे मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि अगर पेन या पेंसिल पकड़ते समय आपका अंगूठा आपकी तर्जनी अंगुली के ऊपर आता है तो यह दर्शाता है कि आप बहुत कलात्मक हैं। बहुत छोटी-छोती बातें आपको परेशान या खुश करती है। अंगूठे के तर्जनी अंगुली को ढकने की मुद्रा का अर्थ यह है कि आप अपने जीवन में असामान्य इच्छाएं रखते हैं। आपको खुश रहने के लिए दूसरों की जरूरत पड़ती है, आप अकेले नहीं रह सकते। ऐसे लोग बहुत ज्यादा सोचने वाले होते हैं।

तर्जनी और अध्यमा अंगुली के बीच पेन पकडने वाले लोग अपने सामाजिक जीवन का बहुत लाभ उठाते हैं। मांफ करना, भूलना और फिर अपने रास्ते पर आगे बढना, यही इनका मूलमंत्र है। ये किसी के साथ कोई ईर्ष्या या द्वेष नहीं रखते। सच्चा और ईमानदार इंसान होना आपकी खूबी भी है और खामी भी। इसके अलावा आपके भीतर जो जिज्ञासा है उसे शांत करना भी बहुत मुश्किल है। आपको सबकुछ जानना है, चाहे उसका आपसे संबंध हो या नहीं। वैसे तो आप बहुत बातूनी हैं, अपनी बात दिल में नहीं रखते, लेकिन जब किसी से दिल की बात कहनी होती है तो आप अपनी भावनाओं को दबाकर रखना ही सही मानते हैं।

अंगूठे के ऊपर अंगुलिया रखकर लिखने वाले लोग बहुत चुस्त और सचेत होते हैं, इस खूबी की वजह से ये अपनी अलग पहचान भी रखते हैं। ये अपनी वास्तविक भावनाएं किसी को नहीं बता पाते।

यदि अंगूठा सभी अंगुलियों को ढकता है तो इसका अर्थ है कि आप अत्यधिक टैलेंटेड हैं, आपके भीतर एक अलग सा आकर्शण है, जो दूसरों को आपकी ओर खींच लाता है। 

एक समय था जब अलग-अलग तरह के पेन होते थे और तो और सभी पेन को पकडने का तरीका भी उतना ही अलग हुआ करता था। 

एक मान्यता यह भी है कि यदि पेन पकडते समय तर्जनी अंगुली पृथक होती है तो परिवार की एकता टूटती है, उसमें बंटवारे की स्थिति उत्पन्न होती है। इस मान्यता के अनुसार कोई भी वस्तु पकडते वक्त अंगुली अलग नहीं होनी चाहिए। कदाचित यह मान्यता सामुद्रिक शास्त्र से आई है।


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